Wednesday, October 11, 2017

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो with Lyrics | Harivansh Rai Bachchan Po...

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो with Lyrics | Harivansh Rai Bachchan Poem | Motivation poem





लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती



नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है

चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है

चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती



डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है

जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है

मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में

बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती



असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो

क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम

संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम

कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

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